April 15, 2026 9:02 am

प्रदेश के 100 सरकारी स्कूलों में सीबीएसई सिस्टम लागू करने की तैयारी।

शिमला | हिमाचल में शिक्षा के क्षेत्र में एक और व्यवस्था परिवर्तन होने जा रहा है। राज्य सरकार पहले चरण में 100 सरकारी स्कूलों में सीबीएसई सिस्टम लागू करेगी। वर्तमान में 100 फीसदी सरकारी स्कूल हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की एफिलिएशन से चल रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू चाहते हैं कि सरकारी स्कूलों की प्रणाली को प्रतियोगी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए सीबीएसई सिस्टम पर प्रयोग करना चाहिए। इस फैसले के तहत हिमाचल के करीब 1900 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में से पहले चरण में 100 स्कूलों को सीबीएसई से एफिलिएशन लेनी होगी। इनमें उन स्कूलों को शामिल किया जाएगा, जिनका एनरोलमेंट 750 से 1000 बच्चों का है। राज्य सरकार द्वारा बनाए जा रहे राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों और पूर्व सरकार के समय बनाए गए अटल आदर्श विद्यालयों को भी इसी कैटेगरी में डाला जाएगा। इन स्कूलों के लिए टीचिंग और नॉन टीचिंग कैडर भी अलग से बनाया जाएगा।ये सारे बदलाव अगले शिक्षा सत्र से हो रहे हैं, ताकि वर्तमान शिक्षा सत्र में ही इन स्कूलों के लिए एफिलिएशन की प्रक्रिया पूरी की जा सके। राज्य सरकार को लग रहा है कि सीबीएसई के तहत, क्योंकि एनसीईआरटी सिलेबस के तहत पढ़ाई और एग्जाम होता है। इसी सिलेबस के तहत प्रतियोगी परीक्षाएं आगे बच्चों को फेस करनी पड़ती हैं, इसलिए इस फैसले से क्वालिटी में भी बदलाव आएगा। राज्य सरकार इससे पहले शिक्षा की गुणवत्ता के लिए कई नए कदम उठा चुकी है। पूरे देश में एनरोलमेंट के नेगेटिव ट्रेंड को देखते हुए स्कूल मर्जर का फैसला भी लिया गया है, लेकिन सीबीएसई सिस्टम में कन्वर्ट होने का फैसला भी पूरी तरह नया होगा।मुख्यमंत्री कार्यालय ने शिक्षा सचिव को टीजीटी युक्तिकरण के वे आर्डर बदलने के भी निर्देश दिए हैं, जिनमें शिक्षकों ने ज्वाइन कर लिया था। इसके लिए 450 टीचर्स के ट्रांसफर हुए थे और बाद में जिन्होंने ज्वाइन नहीं किया था, उनके ऑर्डर रद्द हो गए थे। शिक्षा सचिव अब इस मामले में शिक्षा मंत्री से बैठक करने वाले हैं, उसके बाद ज्वाइन कर चुके टीजीटी को विकल्प दिया जाएगा।

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