शिमला।भारत पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव को देखते हुए एचआरटीसी ने फिलहाल पठानकोट को जाने वाली अपनी बसों को बहाल नहीं करने का निर्णय लिया है। यह बसें अभी नहीं चलेंगी। खासकर रात्रि सेवाओं वाले रूटों को अभी शुरू नहीं किया जाएगा। जब तक स्थिति ठीक नहीं हो जाती और पठानकोट प्रशासन की ओर से हरी झंडी नहीं मिलती तब तक इन रूटों को बंद रखा जाएगा। हालांकि एचआरटीसी यहां पर शटल बसों की सेवाएं को बहाल रखे हुए है।तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए ज मू-पठानकोट,अमृतसर मार्ग पर एचआरटीसी ने रात्रि सेवाओं को बहाल नहीं करने को कहा है। पठानकोट से जसूर के लिए निगम प्रबंधन ने शटल बस सेवा शुरू की है ताकी उन्हें यातायात संबंधी कोई दिक्कत पेश न आए। ऐसी पांच बसों को चलाया जा रहा है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वह रात की अपेक्षा दिन में सफर करें। एचआरटीसी ने करीब 15 रूटों पर बस सेवा को बंद किया है। स्थिति पूरी तरह से सामान्य होने पर दोबारा इन रूटों पर बसों को चलाया जाएगा।पथ परिवहन निगम के मुताबिक रात्रि में यात्रियों की सं या बहुत कम हो गई है। अमृतसर, ज मू, कटरा और पठानकोट के लिए पथ परिवहन निगम लगातार बस रूटों की समीक्षा कर रहा है। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम के चालकों को निर्देश जारी किए हैं। सभी जिलों के क्षेत्रीय प्रबंधकों से फीडबैक लिया जा रहा है। फीडबैक के आधार पर ही बसों का संचालन किया जा रहा है ताकि यात्रियों को भी कोई दिक्कत न हो और सुरक्षा व्यवस्था भी बनी रहे। मगर सीमाई क्षेत्रों में जिन रूटों को बंद किया गया है उनको अभी बहाल नहीं किया जाएगा। इनके अलावा प्रदेश के भीतर कहीं दूसरे क्षेत्रों में यदि बसें चलानी हैं तो उसको लेकर समीक्षा हो रही है। जैसे जसूर से कांगड़ा के लिए कोई बस सेवा चाहिए तो उसको चलाया जाएगा। क्योंकि शटल बसों से सवारियों को जसूर तक पहुंचाया जा रहा है इसलिए वहां से आगे कहीं दूसरे स्थान पर प्रदेश के भीतर बसों को चलाना जरूरी है तो उसके बारे में सोचा जा रहा है। एचआरटीसी के उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने कहा कि अभी पठानकोर्ट के लिए सेवाओं को शुरू नहीं किया जाएगा। जसूर तक बसें जा रही हैं आगे शटल बसें चल रही हैं और वो भी दोपहर के समय में ही चलाई जाएगी।












