शिमला।कांग्रेस सरकार में शिमला से सरकारी कार्यालयों को कांगड़ा जिला के मुख्यालय धर्मशाला शिफ्ट करने का क्रम जारी है। वन विभाग के वाइल्ड लाइफ मुख्यालय को हाल ही में शिमला से धर्मशाला शिफ्ट किया गया था। इससे पहले पर्यटन विकास निगम के शिमला स्थित मुख्यालय को भी कांगड़ा जिला में शिफ्ट करने का फैसला हो चुका है। अब राज्य सरकार ने रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी यानी रेरा को शिमला से धर्मशाला शिफ्ट करने का फैसला लिया है। अभी यह कार्यालय छोटा शिमला के पास मजीठा हाउस में चल रहा है। हालांकि अभी इसमें चेयरमैन समेत मेंबर्स के पद खाली हैं। सेक्रेटरी हाउसिंग को ही अतिरिक्त कार्यभार दिया हुआ है। रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी में नियुक्तियों को लेकर एक मामला हाई कोर्ट में भी चल रहा है। इसी बीच राज्य सरकार ने इस दफ्तर को धर्मशाला शिफ्ट करने की इच्छा व्यक्त की है।हाउसिंग के अंडर सेक्रेटरी ने रेरा के अध्यक्ष को पत्र लिखा है, जिसमें उनसे पूछा है कि धर्मशाला में इन्हें कितना स्पेस दफ्तर के लिए चाहिए, ताकि डीसी कांगड़ा से इस बारे में पत्राचार किया जा सके। हाल ही में शिमला से धर्मशाला शिफ्ट होने वाला यह तीसरा सरकारी कार्यालय होगा। रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी का कार्यालय हिमाचल में चल रहे हाउसिंग और रियल एस्टेट परियोजनाओं की निगरानी करता है। यह एक रेगुलेटरी बॉडी है। हालांकि हिमाचल सरकार के पास अब भी रेरा के फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए अपना ट्रिब्यूनल नहीं है। रेरा में एक अध्यक्ष और दो मेंबर्स के पद सृजित किए गए हैं, लेकिन डॉ. श्रीकांत बाल्डी के कार्यकाल पूरा करने के बाद से यह पद खाली चल रहा है।













