ऊना। ऊना से विधायक एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भाजपा सतपाल सिंेह सत्ती ने गत दिनो मण्डी के पंडोह के समीप बादल फटने से करोड़ो रूपए की लकड़ी बहकर सड़कों पर आ गई जो इस बात को स्पष्ट करता है कि सरकार के संरक्षण में वन माफिया पूरी तरह सक्रिय है और जंगलो की बहुमूल्य संपदा को नष्ट करने में लगातार लगा हुआ है। भाजपा नेता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बरसात के मौसम में बादल फटने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है और इसका मुख्य कारण जंगलो का अवैध व बेतरतीब कटान है जिसके कारण प्राकृतिक आपदाएं दिनो दिन बढ़ती जा रही है जिससे जान-माल का बेहद नुकसान हो रहा है। उन्होनें वन निगम के उपाध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता के उस बयान का कड़ा संज्ञान लिया जिसमें उन्होनंे कहा जो लकड़ी बहकर आई है वो अवैध कटान की नहीं है। यदि ये लकड़ी अवैध कटान की नहीं है तो वन विभाग ने इस लकड़ी कोे क्यों नही उठाया ? क्यों वन विभाग कुंभकर्णी नींद में सोया रहा ? स्पष्ट तौर पर सरकार इस पूरे मामले को दबाने का प्रयास कर रही है जबकि कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुलदीप राठौर जो ठियोग से कांग्रेस के विधायक भी हैं, ने इस पूरे मामले की जांच की मांग की है। मुख्यमंत्री जिनके पास वन विभाग भी हैं, इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। सरकार व वन विभाग भले ही इस मामले से पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन हकीकत यह है कि यह लकड़ी वन काटुओं द्वारा अवैध रूप से काटी गई थी। सरकार की नाक के नीचे अवैध तरीके से वनो को काटा जा रहा है और सरकार तमाशबीन बनी बैठी है। सतपाल सत्ती ने कांग्रेस नेता व वन निगम के उपाध्यक्ष से सवाल किया कि यदि यह लकड़ी काट कर रखी गई थी तो वन निगम ने करोड़ो रूपए कीमत की यह लकड़ी वहां से क्यों नहीं उठाई ? क्या वन निगम बरसात में लकड़ी के बहने का इंतजार कर रहा था और यह लकड़ी बहते-बहते जब पंडोह डैम तक पहुंच गई तो उसे गायब कर दिया गया। यह स्पष्ट है कि कांग्रेस के नेता व सरकार प्रदेश की वन सपंदा को लूटने-लूटाने में लगे हुए है।भाजपा नेता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश जो अपनी प्राकृतिक संुदरता और हरे-भरे जंगलो के लिए जाना जाता है, धीरे-धीरे अपनी प्राकृतिक सुंदरता को खोता जा रहा है जिससे जहां हिमाचल का पर्यटन व्यवसाय प्रभावित हो रहा है वहीं हिमाचल की आबो हवा भी बदलती जा रही है। हिमाचल प्रदेश जो सेब राज्य के नाम से भी पूरे विश्व में प्रचलित है, अब धीरे-धीरे अपने गौरव को खोता जा रहा है, क्योंकि अवैध कटानो की वजह से हिमाचल में बर्फबारी और बारिश कम होती जा रही है जिससे हिमाचल की बागवानी को निरंतर नुकसान हो रहा है और अब सेब की पैदावार केवल ऊंचे पहाड़ी इलाको तक ही सीमित हो गई है। उन्होनें कहा कि भारतीय जनता पार्टी और इसके कार्यकर्ता पौधारोपण के कार्यक्रम कर पर्यावरण को बचाने में अपनी सहभागिता निभा रहे हैं और अगले एक महीने तक भाजपा निरंतर पौधारोपण के कार्यक्रम करने वाली है परन्तु प्रदेश सरकार अपने दायित्व को भूलते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति गंभीर नहीं दिख रही है। सतपाल सत्ती ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार के शासन में प्रदेश में हर जगह माफियाओं का बोलबाला है। चाहे वन माफिया हो, चिट्टा माफिया हो, खनन माफिया हो, ट्रांसफर माफिया हो, पूरे हिमाचल में माफियाराज तांडव मचा रहा है। सतपाल सत्ती ने मांग की है कि मण्डी के पंडोह में अथवा अन्य स्थान पर, जहां पर भी लकडि़यां बहकर आई है उसकी उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिकार यह करोड़ो रूपए की लकड़ी किसने काटी और साथ ही इस प्रकार के अवैध कटान को रोकने के लिए भी कारगर कदम उठाए जाने चाहिए ताकि हिमाचल प्रदेश को बरसात के मौसम में हर साल होने वाले भारी जान-माल के नुकसान से बचाया जा सके। यदि वनो का अवैध कटान इसी तरह चलता रहा तो आने वाले वर्षों में हिमाचल में और भी भयंकर प्राकृतिक आपदाएं आने की पूर्ण संभावनाएं है।













