शिमला,फरवरी। भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (आईआईएएस), राष्ट्रपति निवास, शिमला द्वारा पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने तथा संस्थान की ऐतिहासिक धरोहर को जनसुलभ करने के उद्देश्य से अनेक नई पहलों की शुरुआत की गई है। संस्थान की विरासत संरचनाओं के संरक्षण के साथ-साथ उन्हें सुव्यवस्थित रूप से आमजन के लिए उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।ब्रिटिश कालीन स्क्वैश कोर्ट को आधुनिक सुविधाओं से युक्त पिक्चर गैलरी में परिवर्तित किया जा रहा है। इस गैलरी में संस्थान के इतिहास, स्थापत्य विरासत, शैक्षणिक गतिविधियों एवं प्रमुख उपलब्धियों से संबंधित चित्रों और चयनित प्रदर्शनों को व्यवस्थित रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। यह गैलरी आगंतुकों को संस्थान की बौद्धिक परंपरा और ऐतिहासिक महत्व से परिचित कराने का प्रभावी माध्यम सिद्ध होगी।इसके अतिरिक्त, परिसर स्थित किचन विंग क्षेत्र को भी शीघ्र ही पर्यटकों के अवलोकन हेतु खोला जाएगा, जिससे आगंतुक संस्थान की स्थापत्य धरोहर के एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्से को निकट से देख सकेंगे।दो वर्ष पूर्व भूस्खलन के कारण सुरक्षा की दृष्टि से बंद किए गए संस्थान के बैक लॉन को आवश्यक मरम्मत एवं संरचनात्मक सुदृढ़ीकरण के पश्चात पुनः पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। अब आगंतुक परिसर के प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक गरिमा का पुनः आनंद ले सकेंगे।
• भारतीय सेना, वायु सेना, नौसेना तथा केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों के सेवारत कर्मियों एवं उनके आश्रितों को आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन उपरांत निःशुल्क प्रवेश दिया जाएगा।• 5 वर्ष तक के बच्चों से कोई प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाएगा।इन पहलों का उद्देश्य विद्यार्थियों, सशस्त्र बलों के सदस्यों एवं उनके परिवारों सहित व्यापक जनसमुदाय को संस्थान की ऐतिहासिक एवं बौद्धिक विरासत से जोड़ना है।संस्थान के निदेशक प्रोफेसर हिमांशु कुमार चतुर्वेदी के नेतृत्व में पर्यटकों एवं आगंतुकों के लिए सुविधाओं में निरंतर सुधार हेतु कई पहलें प्रारंभ की गई हैं। इसी क्रम में परिसर में “सनसेट व्यू कैफ़े” का शुभारंभ किया गया है, जहाँ आगंतुक शिमला के मनोहारी दृश्य का आनंद लेते हुए विश्राम कर सकेंगे। यह कैफ़े प्राकृतिक सौंदर्य और विरासत के समन्वित अनुभव का एक सुसंस्कृत स्थल प्रदान करता है।इसके अतिरिक्त, गोरखा गेट से टिकट काउंटर तक आगंतुकों के आवागमन हेतु बैटरी चालित गोल्फ कार्ट की अधिप्राप्ति कर रहा है। यह सुविधा विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों तथा छोटे बच्चों के साथ आने वाले परिवारों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी और साथ ही पर्यावरणीय स्थिरता को भी बढ़ावा देगी।संस्थान ने अपनी अधोसंरचना का विस्तार करते हुए सिद्धार्थ विहार गेस्ट हाउस में एक अत्याधुनिक सुविधायुक्त सम्मेलन कक्ष का निर्माण किया है। आधुनिक ऑडियो-वीडियो प्रणाली एवं तकनीकी संसाधनों से सुसज्जित यह सम्मेलन कक्ष निर्धारित शुल्क पर शैक्षणिक, सार्वजनिक उपक्रमों एवं कॉर्पोरेट संगठनों को कार्यक्रम आयोजन हेतु उपलब्ध रहेगा, जो संस्थान के दिशा-निर्देशों के अनुरूप होगा।सुविधाओं में हुए इस विस्तार को ध्यान में रखते हुए टिकट एवं पार्किंग शुल्क में आंशिक संशोधन भी किया गया है।इन पहलों से न केवल पर्यटकों के अनुभव में वृद्धि होगी, बल्कि संस्थान की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक विरासत को व्यापक समाज तक पहुँचाने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।













