April 15, 2026 7:45 am

राजकीय महाविद्यालय चिंतपूर्णी को बंद करने के निर्णय के विरोध में क्षेत्र में रोष- गौरव कुमार

चिंतपूर्णी/भरवाईं,फ़रवरी।हिमाचल प्रदेश स्वामी विवेकानंद सेवा ट्रस्ट चिंतपूर्णी के अध्यक्ष गौरव कुमार के नेतृत्व में राजकीय महाविद्यालय चिंतपूर्णी को बंद किए जाने के निर्णय के विरोध में एक प्रतिनिधिमंडल ने भरवाईं के नायब तहसीलदार के माध्यम से माननीय राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला, हिमाचल प्रदेश को ज्ञापन प्रेषित किया।इस अवसर पर महाविद्यालय के छात्र-छात्राएँ, पी.टी.ए. (अभिभावक-शिक्षक संघ) के सदस्य तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में महाविद्यालय को बंद करने के निर्णय को क्षेत्र के हितों के विरुद्ध बताया।ज्ञापन में कहा गया कि राजकीय महाविद्यालय चिंतपूर्णी क्षेत्र की बेटियों एवं ग्रामीण पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का एकमात्र सुलभ एवं सुरक्षित केंद्र है। वर्तमान में लगभग 90 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें लगभग 75 छात्राएँ हैं। महाविद्यालय से 15–20 पंचायतों के विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं।प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यदि महाविद्यालय को बंद किया गया तो विद्यार्थियों को 30–35 किलोमीटर दूर अन्य संस्थानों में जाना पड़ेगा, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा तथा छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ उत्पन्न होंगी।प्रेस को संबोधित करते हुए ट्रस्ट अध्यक्ष गौरव कुमार ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज के विकास की आधारशिला है और ऐसे में एक सुदीर्घ काल से संचालित शिक्षण संस्थान को बंद करना जनभावनाओं के विपरीत है। उन्होंने राज्यपाल महोदय से हस्तक्षेप कर इस निर्णय को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की।उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि सरकार द्वारा इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो क्षेत्र की जनता, विद्यार्थी, पी.टी.ए. सदस्य एवं सामाजिक संगठन लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन प्रारंभ करने के लिए बाध्य होंगे।अंत में उपस्थित जनसमूह ने एकजुटता का परिचय देते हुए महाविद्यालय को बचाने के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। इस मौके पर पी.टी.ए. के प्रधान मनीष कुमार, सदस्य प्रवीण कुमार, महाविद्यालय के छात्र, उनके अभिभावक और स्थानीय जनता भी उपस्थित रहीं।

और पढ़ें

साढ़े तीन साल में कांग्रेस सरकार ने हिमाचल की जनता की कमर तोड़ी, कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त”“₹45,000 करोड़ कर्ज, महंगाई की मार और ताला-बंदी मॉडल—सुखु सरकार ने प्रदेश को विनाश की ओर धकेला”: डॉ. राजीव बिंदल

“राज्य स्तरीय हरौली उत्सव बना कांग्रेस का राजनीतिक मंच—‘व्यवस्था परिवर्तन’ नहीं, ‘व्यवस्था पतन’ का उदाहरण”“SDM चेयरमैन, DC की देखरेख में सरकारी कार्यक्रम—फिर भी कांग्रेस प्रभारी से समापन, खुला सत्ता दुरुपयोग” राकेश जमवाल

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें

साढ़े तीन साल में कांग्रेस सरकार ने हिमाचल की जनता की कमर तोड़ी, कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त”“₹45,000 करोड़ कर्ज, महंगाई की मार और ताला-बंदी मॉडल—सुखु सरकार ने प्रदेश को विनाश की ओर धकेला”: डॉ. राजीव बिंदल

“राज्य स्तरीय हरौली उत्सव बना कांग्रेस का राजनीतिक मंच—‘व्यवस्था परिवर्तन’ नहीं, ‘व्यवस्था पतन’ का उदाहरण”“SDM चेयरमैन, DC की देखरेख में सरकारी कार्यक्रम—फिर भी कांग्रेस प्रभारी से समापन, खुला सत्ता दुरुपयोग” राकेश जमवाल

error: Content is protected !!