शिमला। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उच्च शिक्षण छात्र रैगिंग को प्रतिबंधित करने के निर्देश जारी किए हैं। नए सत्र में इन अंतिम तिथियों को शुरू करने वाले को अंतिम चरण में लागू किया जाएगा। कहा गया है कि अगर इसमें कोई इंस्टिट्यूट इन बातों का ध्यान नहीं रखता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पिट्रोल में कैमरे, होस्टल, कैंटीन और लाइब्रेरी जैसी जगहों पर जागरूकता पोस्टर लगाए गए हैं और छात्रों के साथ प्रोत्साहन बातचीत की बात कही गई है। वहीं छात्रों को सुरक्षित समुद्र तट के लिए छात्रावास, मनोरंजन केंद्र और बच्चों का सरप्राइस निरीक्षण की भी समीक्षा की गई है। इसके अलावा क्रिस्टोफर ने छात्रों को कार्यशाला और दीक्षांत समारोह आयोजित करने की सलाह दी है। आर्टिस्ट ने जूनियर और सीनियर छात्रों के बीच बेहतर संबंध बनाने के लिए मेंटर-मेंटी प्रोग्राम लागू करने को कहा है। छात्रों के लिए सहायता केंद्र रैगिंग की स्मृतियों से जुड़ी एक पुस्तक भी जारी की गई है। इसके लिए राष्ट्रीय रैगिंग विरोधी वेबसाइट 1800-180-5522 पर संपर्क कर सकते हैं। रैगिंग की कहानियाँ या छात्र आत्महत्या जैसे मामलों में आरोपियों के जिम्मेदार अधिकारी देह दोषी को जवाब देंगे। ऐसे मामलों की जांच के लिए विशेष समितियां फोटोग्राफर करने और कानूनी विशेषज्ञों की मदद लेने की बात कही गई है। नापसंद से उम्मीद की जाती है कि रैगिंग को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास किया गया।













