नई दिल्ली।पाकिस्तान के साथ सीजफायर के 51 घंटे बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार रात आठ बजे देश को संबोधित करते हुए अपने 22 मिनट के भाषण में पहलगाम हमला, ऑपरेशन सिंदूर, सीजफायर, आतंकवाद, सिंधु जल समझौते और पीओके पर बात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन आतंकियों ने हमारी मां-बहनों का सिंदूर मिटाया, हमने उन्हें मिटा दिया। हमारे ऑपरेशन में 100 से ज्यादा खूंखार आतंकवादी मारे गए और तीन दिन में ही पाकिस्तान की चीखें निकल गईं। प्रधानमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान की गुहार पर भारत ने संघर्ष रोकने की सहमति दी है। भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ मिलिट्री एक्शन को केवल स्थगित किया है। पाकिस्तान का रवैया देखकर आगे का एक्शन तय करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि हर प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ हम सभी का एकजुट रहना, हमारी एकता सबसे बड़ी शक्ति है। निश्चित तौर पर यह युग युद्ध का नहीं है, लेकिन यह युग आतंकवाद का भी नहीं है। टेररिज्म के खिलाफ जीरो टॉलरेंस एक बेहतर दुनिया की गारंटी है। पाकिस्तानी फौज, पाकिस्तान की सरकार जिस तरह आतंकवाद को खाद-पानी दे रहे हैं, वह एक दिन पाकिस्तान को ही समाप्त कर देगा। पाकिस्तान को अगर बचना है, तो उसे अपने टेरर इन्फ्रास्ट्रक्चर का सफाया करना ही होगा, इसके अलावा शांति का कोई रास्ता नहीं है। भारत का मत एकदम स्पष्ट है, टेरर और टॉक एक साथ नहीं हो सकते हैं, टेरर और ट्रेड एक साथ नहीं चल सकते, पानी और खून भी एक साथ नहीं बह सकता।विश्व समुदाय से भी कहूंगा कि हमारी घोषित नीति रही है कि अगर पाकिस्तान से बात होगी, तो टेररिज्म पर ही होगी, अगर बात होगी तो पीओके पर ही होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने आतंक के खिलाफ लड़ाई में नई लकीर खींच दी है। अब आतंकी हमला हुआ तो मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। हम अपने तरीके से अपनी शर्तों पर जवाब देकर रहेंगे, हर उस जगह जाकर कठोर कार्रवाई करेंगे, जहां से आतंकी जड़ें निकलती हैं। अब कोई भी न्यूक्लियर ब्लैकमेल भारत नहीं सहेगा। उसकी आड़ में पनप रहे आतंकी ठिकानों पर भारत सटीक और निर्णायक प्रहार करेगा। हम आतंक की सरपरस्त सरकार और आतंक के आकाओं को अलग-अलग नहीं देखेंगे। ऑपेरशन सिंदूर के दौरान दुनिया ने पाकिस्तान का घिनौना सच देखा है, जब मारे गए आतंकियों को विदाई देना पाकिस्तानी सेना के बड़े-बड़े अफसर उमड़ पड़े। स्टेट स्पांसर आतंकवाद का यह बड़ा सबूत है। हम भारत और नागरिकों को किसी भी खतरे से बचाने के लिए लगातार निर्णायक कदम उठाते रहेंगे। पाकिस्तान ने हमारे गुरुद्वारों, घरों, मंदिरों और स्कूलों को निशाना बनाया। दुनिया ने देखा कैसे पाकिस्तान के ड्रोन, मिसाइलें भारत के सामने तिनके की तरह बिखर गईं। भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने उन्हें आसमान में ही नष्ट कर दिया। भारत की आक्रामक कार्रवाई के बाद पाकिस्तान बचने के रास्ते खोजने लगा, पाकिस्तान दुनियाभर में तनाव कम करने के लिए गुहार लगा रहा था और बुरी तरह पिटने के बाद किसी मजबूरी में 10 मई की दोपहर को पाकिस्तानी सेना ने हमारे डीजीएमओ को संपर्क किया। तब तक हम आतंकवाद के इन्फ्रास्ट्रक्चर को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा चुके थे। जब पाकिस्तान की तरफ से गुहार लगाई गई, जब यह कहा गया कि उसकी ओर से आगे कोई आतंकी गतिविधि और सैन्य दुस्साहस नहीं दिखाया जाएगा, तब भारत ने उस पर विचार किया। मैं एक बार फिर भारत की सेना और सशस्त्र बलों को सेल्यूट करता हूं। हम भारतवासी का हौसला, एकजुटता, संकल्प को नमन करता हूं।













