शिमला।एचआरटीसी ने बेंगलुरु के लिए अपनी तकनीकी टीम रवाना कर दी है। यह टीम बंगलूरू में तैयार हुई वोल्वो बसों की पड़ताल के लिए गई है जो उसे तकनीकी रूप से देखेंगी। यह टीम देखेगी कि जिस स्पेसिफिकेशन के साथ बसों के लिए टेंडर किया गया था क्या उसे पूरा किया गया है या नहीं। अब कोई खामी दिखती है तो उसे वहीं मौके पर बताया जाएगा और उसमें सुधार के लिए कहा जाएगा। अगर कोई खामी नहीं हुई तो बसों की सप्लाई के निर्देश दे दिए जाएंगे। इस संबंध में तकनीकी टीम अगले सप्ताह तक अपनी रिपोर्ट एचआरटीसी प्रबंधन को सौंपेगी। एचआरटीसी के डीएम टैक्रिकल पवन शर्मा की अगुवाई में यह टीम बंगलूरू गई है। हिमाचल प्रदेश के लिए 24 वोल्वो बसें वोल्वो कंपनी ने तैयार कर ली हैं। एचआरटीसी के बेड़े में यह बसें शामिल होंगी जिनका लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। कंपनी ने एचआरटीसी को दो-तीन दिनों पहले ही इसकी जानकारी देने के साथ तकनीकी टीम भेजने को कहा था और बिना समय गवाय एचआरटीसी ने अपने अफसरों को बंगलूरू भेज दिया है। सोमवार तक यह लोग वापस लौट आएंगे और अगले सप्ताह अपनी रिपोर्ट एचआरटीसी प्रबंधन को सौंपेंगे। इसके साथ सप्लाई ऑर्डर दे दिया जाएगा और बसों की आमद प्रदेश के लिए शुरू हो जाएगी।यह सभी बीएस-6 श्रेणी की बसें हैं जिनकी जरूरत एचआरटीसी को थी। क्योंकि एचआरटीसी की वोल्वो बसें भी दिल्ली में प्रवेश नहीं कर पाती और केवल वही बसें वहां प्रवेश कर पाती हैं जोकि बीएस-6 हैं। वहां दूसरी बसों को प्रवेश में मनाही है जिस कारण एचआरटीसी के दिल्ली के कई रूट बंद पड़े हुए हैं। इन रूटों के बाधित रहने से एचआरटीसी को काफी ज्यादा नुकसान भी हो रहा है। बता दें कि एचआरटीसी काफी समय से वोल्वो बसों की खरीद करने की तैयारी में था। मगर बार-बार उसके द्वारा किए गए टेंडर अंजाम तक नहीं पहुंच पा रहे थे। अंत में वोल्वो कंपनी के साथ उसका करार हुआ लेकिन तब वर्क ऑर्डर देनी की औपचारिकताओं में देरी हो गई। लगभग एक साल से यह औपचारिकताएं चल रही थीं जिसके बाद अब बसें तैयार हो गई हैं।अभी एचआरटीसी के पास वोल्वो बसों के बेड़े में कुल 74 बसें उपलब्ध हैं जिनको प्रदेश से बाहर अलग-अलग रूटों पर भेजा जाता है। अब इसमें 24 और बसें जुड़ जाएंगी जिससे एचआरटीसी की वोल्वो का बेड़ा 98 बसों का हो जाएगा।













