नई दिल्ली दिल्ली सरकार की सक्रिय नीति और ठोस प्रयास से राजधानी की हवा लगातार बेहतर हो रही है। दिल्ली में रविवार को एयरोस्पेस स्कैनर 138 दर्ज किया गया था, जो एक दिन पहले शनिवार 153 को दर्ज किया गया था और पिछले साल इसी दिन 189 को दर्ज किया गया था। मिनिस्ट्री एनवायर्नमेंट ने आजजारी में यह जानकारी दी। डॉक्यूमेंट्री में बताया गया है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली राजधानी में ‘विकासशील दिल्ली संकल्प’ के तहत तेजी से काम किया जा रहा है। पर्यावरण मंत्री मंजिन्द्र सिंह सीअाेई ने वायु प्रदूषण के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी के प्रजेंटेशन और उनकी तकनीक को देखा जो वायु प्रदूषण नियंत्रण में विशेष तकनीक पर काम कर रही हैं। इनमें डूबान मिस्ट स्प्रिंकलर, फ़्लोरिडा एयर प्यूरिफ़ायर और एयरोक्विटी सुपरवाइज़र स्टेशन शामिल हैं। इन प्रौद्योगिकी को संयुक्त राज्य अमेरिका में बनाया गया है जहां प्रदूषण के हॉटस्पॉट हैं, ताकि हवा की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके। ये आधुनिक उपाय शहर में प्रदूषण कम करने और तरल पदार्थ को कम करने के उपाय हैं। उन्होंने कहा, हम दिल्ली के अन्य जिलों में भी पोल स्प्रिंकलर प्रायोगिक रूप से लगाएंगे। दिल्ली सरकार ने एक्शन प्लान 2025 के तहत कई बड़े कदम उठाए हैं। इसमें इलेक्ट्रिक प्लांट्स को मजबूत करना, इलेक्ट्रिक इलेक्ट्रिक्स को बढ़ाना और मेट्रो को इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना, और इलेक्ट्रिक प्लांट्स से वाले प्लांट्स को कंट्रोल करने पर ध्यान दिया जा रहा है। धूल नियंत्रण के लिए एंटी-स्मॉग गन और मैकेनाइज्ड रोड डस्टिंग को अनिवार्य किया गया है, जबकि औद्योगिक पॉल्यूशन को कम करने के लिए नई तकनीक और अपशिष्ट प्रक्रिया प्रणाली अपनाई जा रही हैं। इसके अलावा, दिल्ली में बड़े पैमाने पर प्लांटरोपण, वर्टिकल गार्डन और ग्रीन रूफटॉप को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि हरियाली शामिल हो सके। साथ ही, रियल-टाइम एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन, आर्टिफिशियल मेधा (मशाल)-बेस्ड पॉल्यूशन प्रिडिक्शन मॉडल और अर्ली वार्निंग सिस्टम पर भी काम किया जा रहा है, जिससे प्रदूषण को रोकने के लिए समय पर कदम रखा जा सके। सरकार के सुझाव पर श्री सीमो ने कहा कि पहले केवल वैल्यूएशन पेपर्स पर प्लान चल रहा था, लेकिन हमारी सरकार बिजनेस पर काम कर रही है। दिल्ली की हवा लगातार बेहतर हो रही है, जो हमारे ठोस प्रयास का प्रमाण है। हम भी नई तकनीक को अपनाकर प्रदूषण नियंत्रण के लिए गांव से काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने 2025-26 के बजट में पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़ा निवेश किया है। पर्यावरण एवं वन विभाग के लिए 506 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है, इसके साथ ही 300 करोड़ रुपये के प्रदूषण नियंत्रण और जल निगम के लिए खर्च किए गए हैं। इसके अलावा, छह नए कांतिन्यूअस एंबिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन (सीएएक्यूएम) स्थापित किए जा रहे हैं। जिससे रियल-टाइम एयरोस्पेसिबिलिटी की निगरानी की जा सके। दिल्ली सरकार का ये ठोस कदम, राजधानी की हवा और स्वच्छता बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।













