शिमला।मंडी से लोकसभा सांसद कंगना रणौत के बिजली बिल को लेकर राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड ने साफ किया है कि उन्होंने दो महीने से बिल चुकता नहीं किया है। पिछले महीने का 32 हजार 287 रुपए का बिल उनका बकाया था, जो उन्होंने नहीं दिया था। लिहाजा अब दो महीने का बिल उन्हें एक साथ दिया गया है। बोर्ड लिमिटेड के एमडी संदीप कुमार ने कहा है कि मनाली विद्युत उपमंडल के अंतर्गत कंगना रणौत के नाम पर उनके आवास सिमसा गांव में घरेलू उपभोक्ता संख्या 100000838073 का बिजली कनेक्शन रजिस्टर्ड है। वर्तमान में उनके इस सिमसा स्थित आवास का उनके द्वारा दो महीने की बकाया विद्युत खपत का बिजली बिल कुल 90 हजार 384 रुपए बनता है, जो कि खपत के मुताबिक दिया गया है। यह कहना पूरी तरह गलत और भ्रामक है कि यह बिल एक माह का है। कंगना रणौत द्वारा 22 मार्च को जारी किए गए बिजली बिल में उनका पिछले बिलों का भुगतान, जो कि 32 हजार 287 रुपए भी शामिल है। इस तरह से उनका मार्च में जारी किया गया बिल पिछले बकाया सहित कुल 90 हजार 384 रुपए का बनता है।एमडी बिजली बोर्ड संदीप कुमार ने बताया कि उनके आवास का कनेक्टेड लोड 94.82 किलोवाट है, जो कि एक सामान्य आवास के विद्युत लोड से 1500 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि कंगना रणौत के आवास का अक्तूबर, नवंबर तथा दिसंबर 2024 महीने का बिजली बिल 82,061 रुपए था, जिसका भुगतान भी कंगना रणौत द्वारा 16 जनवरी, 2025 को किया किया गया। संदीप कुमार ने कहा कि कंगना रणौत द्वारा मासिक बिलों का भुगतान हर बार असमय किया जा रहा है। जनवरी तथा फरवरी के बिजली बिलों का भुगतान 28 मार्च, 2025 को किया गया ह,ै जिसकी कुल खपत 14 हजार यूनिट थी। स्पष्ट है कि कंगना रणौत की मासिक खपत औसत रूप से 5,000 यूनिट से लेकर 9,000 यूनिट तक बहुत अधिक है। बोर्ड ने प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि सभी लोग समय पर अपने बिजली बिलों का भुगतान करें, जिससे विद्युत उपभोक्ता को इस कारण आने वाले बिजली बिलों को लेकर किसी प्रकार की असुविधा न हो।कंगना द्वारा प्रथम चरण में अक्तूबर से दिसंबर तक के बिजली बिलों का भुगतान समय पर नहीं किया। इसी तरह जनवरी, फरवरी के बिजली बिल भी समय पर नहीं दिए गए, जो कि क्रमश: दिसंबर की बिजली खपत 6,000 यूनिट में बकाया लगभग 31,367 रुपए था और फरवरी की बिजली खपत 9,000 यूनिट का 58,096 रुपए बिजली बिलों को समय पर न देने के कारण देरी पर सरचार्ज सहित था। वहीं, कंगना द्वारा प्रदेश सरकार द्वारा दी जा रही सबसिडी भी लगातार ली जा रही है। फरवरी के बिल में कंगना रणौत ने 700 रुपए सबसिडी के तौर पर प्राप्त भी किए हैं।













