शिमला।हिमाचल में बरसात की शुरुआत में ही हादसे शुरू हो गए हैं। कांगड़ा, शिमला सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में शुक्रवार सुबह हुई बारिश ने खूब कहर मचाया। राजधानी शिमला के जतोग कैंट क्षेत्र में शुक्रवार सुबह लैंडस्लाइड हुआ, जिससे हाटनी की धार के पास स्थित सडक़ पूरी तरह से अवरूद्ध हो गई। यह घटना एमईएस क्वार्टर्स के नजदीक हुई है। यहीं पर भूस्खलन की चपेट में एक पिकअप गाड़ी आई है, जो कि पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई ।बताया जा रहा है कि गाड़ी बाइचड़ी के प्रमोद ठाकुर की है, जिसने रात को गाड़ी यहां सडक़ किनारे पार्क की थी। यहां बारिश के चलते भूस्खलन होने के कारण गाड़ी को भारी नुकसान हुआ है। हालांकि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। पूरी रात बारिश होने के कारण यह नुकसान हुआ है। कुछ ही घंटों में मलवा हटाकर मार्ग को साफ कर दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।कांगड़ा जिला में शुक्रवार सुबह हुई झमाझम बारिश से कुछ देर के लिए जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। तेज बारिश से जहां बच्चों को स्कूल जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ा, वहीं रोजमर्रा के काम लिए बाहर जाने वालों लोगों और कर्मचारियों को भी दिक्कत आई। बारिश इतनी थी कि सडक़ें पानी से लबालब हो गईं। हालांकि बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों ने भी चैन की सांस ली है, क्योंकि अभी भी धान की रोपाई का काम चल रहा है। ऐसे में यह बारिश किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। अल सुबह हुई बारिश से दिन में भी रात जैसा अंधेरा छा गया। बारिश के कारण दृश्यता कम हो गई, जिससे वाहन चालकों को अपनी गाडिय़ों की लाइटें जलानी पड़ीं। उधर, जेत बारिश श्रद्धालुओं के कदमों को भी नहीं रोक सकी। श्रद्धालु मां के जयकारे लगाते हुए मंदिर की ओर बढ़ रहे थे।जिला कांगड़ा में सुबह-सवेरे उस वक्त आफत आ गई, जब आसमान से तेज बारिश होने लगी। कांगड़ा के साथ लगती पंचायत सहौड़ा के बल्ला में बारिश का पानी लोगों के घरों मेंं घुस गया। यहां कांगड़ा से बाया जमानाबाद जान वाली सडक़ बल्ला के पास तालाब बन गई। स्थानीय निवासी हरबंस सैणी, बूटी राम और सुभाष आदि के घर के पास ऐसा लग रहा था मानों कोई झील बन गई हो। सडक़ का तो नामोनिशान मिट गया था। लोगों की दिक्कत को देखते हुए एपीएमसी के चेयरमैन निशू मोंगरा तुरंत मौके पर पहुंचे और जेसीबी मशीन मंगवाकर मार्ग को दुरूस्त करवाया। पानी इतना था कि साथ लगती कूहल ने नदी का रूप धारण कर लिया था। निकास नालियां बंद होने के कारण सारा पानी सडक़ से बहकर लोगों के घरों में घुस रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए एपीएमसी के चेयरमैन तुरंत मौके पर पहुंचे और जेसीबी के माध्यम से नालिया खुलवाना शुरू किया।













