March 14, 2026 9:43 pm

एचपीयू परिसर में छात्र हिंसा का गंभीर मामला—अभाविप कार्यकर्ताओं पर सुनियोजित हमला, कड़ी कार्रवाई की मांग।

शिमला,फरवरी।अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इकाई ने परिसर में हुई गंभीर हिंसक घटना पर तीखा विरोध जताया है। संगठन के अनुसार, एसएफआई से जुड़े गुंडों द्वारा अभाविप के कार्यकर्ताओं पर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया, जिसे संगठन ने “हत्या के प्रयास” जैसी गंभीर घटना बताया है। यह घटना न केवल छात्र राजनीति के लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा आघात है, बल्कि विश्वविद्यालय के शांतिपूर्ण और शैक्षणिक वातावरण को हिंसक बनाने की चिंताजनक कोशिश भी प्रतीत होती है।अभाविप एचपीयू इकाई के अनुसार, यह घटना विश्वविद्यालय परिसर के मुख्य गेट के समीप उस समय हुई जब केमिस्ट्री विभाग से अपने घर जा रहे संगठन के कार्यकर्ताओं पर अचानक हमला किया गया। आरोप है कि एसएफआई से जुड़े लोगों ने घात लगाकर तेजधार हथियारों से हमला किया, जिससे परिसर में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया। इस हमले में अभाविप के दो कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।संगठन का कहना है कि यह हमला पूर्व नियोजित था और इसका उद्देश्य परिसर में डर और अराजकता का वातावरण पैदा करना था। अभाविप ने इस घटना को छात्र लोकतंत्र पर हमला बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थान में इस प्रकार की हिंसा पूरी तरह अस्वीकार्य है।अभाविप इकाई ने इस घटना को लेकर पुलिस में औपचारिक एफआईआर दर्ज कराई है तथा विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल और कठोर कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने प्रशासन से दोषी व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध निष्कासन, गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि परिसर में इस प्रकार की गुंडागर्दी और हिंसा को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि 24 घंटे के भीतर दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई नहीं होती, तो अभाविप विश्वविद्यालय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ व्यापक आंदोलन शुरू करेगी।अभाविप ने विश्वविद्यालय प्रशासन से परिसर की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने, छात्र संगठनों के बीच शांति बनाए रखने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की भी मांग की है। संगठन का कहना है कि विश्वविद्यालय का वातावरण शिक्षा, संवाद और लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति के लिए होना चाहिए, न कि हिंसा और भय के लिए।अंत में अभाविप इकाई ने स्पष्ट किया कि वह छात्र हितों, सुरक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रहेगा।

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